ओडिशा के बालेश्वर स्थित तट पर भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने शुक्रवार शाम 22 मई 2026 को ‘अग्नि-1’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) से शाम करीब 6:30 बजे किया गया।

पूरी तरह स्वदेशी है ‘अग्नि-1’

‘अग्नि-1’ भारत की स्वदेशी शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है, जिसे DRDO द्वारा विकसित किया गया है। यह मिसाइल पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है। इसका संचालन भारतीय सशस्त्र बलों की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) द्वारा किया जाता है।

अग्नि-1 की प्रमुख विशेषताएं

  • मारक क्षमता: यह मिसाइल 700 से 1200 किलोमीटर तक के लक्ष्य को सटीकता से भेद सकती है।
  • लंबाई और वजन: इसकी लंबाई लगभग 12 मीटर और वजन करीब 12 टन है।
  • पेलोड क्षमता: यह लगभग 1000 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है।
  • त्वरित लॉन्च तकनीक: इसमें ठोस ईंधन (Solid Propellant) का इस्तेमाल होता है, जिससे इसे कम समय में लॉन्च किया जा सकता है।

परीक्षण की जगह और संचालन

इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप के एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया। पूरे परीक्षण की निगरानी और संचालन भारतीय सेना की स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड के तहत किया जाता है।

यह सफल परीक्षण भारत की सामरिक क्षमता और रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।