नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच बुधवार को शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक लगभग दो प्रतिशत घटकर बंद हुए। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ब्लू-चिप बैंक शेयरों में दबाव ने भी बाजारों को कमजोर किया।
रुपया कमजोर होकर 92.01 पर बंद
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे गिरकर 92.01 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
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बीएसई सेंसेक्स: 1,342.27 अंक या 1.72% की गिरावट के साथ 76,863.71 पर बंद।
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एनएसई निफ्टी: 394.75 अंक या 1.63% की कमी के साथ 23,866.85 पर बंद।
दिनभर में सेंसेक्स 1,446.72 अंक तक गिरा और 76,759.26 के स्तर पर पहुंचा।
प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, ट्रेंट, भारती एयरटेल और कोटक महिंद्रा बैंक प्रमुख रूप से पिछड़ी। वहीं सन फार्मा और एनटीपीसी को लाभ हुआ।
विशेषज्ञों की राय
पोनमुडी आर, CEO, एनरिच मनी ने कहा कि मंगलवार के सुधार के बावजूद निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है। पश्चिम एशियाई संकट के कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, प्रमुख शिपिंग मार्गों में व्यवधान और वैश्विक जोखिम बाजार की अस्थिरता बढ़ा रहे हैं।
हरिप्रसाद के, संस्थापक, लिवेलॉन्ग वेल्थ ने बताया कि निवेशक पश्चिम एशिया में घटनाओं और कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए हैं।
एशियाई और यूरोपीय बाजार
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जापान का निक्केई 225: 1.43% की तेजी
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी: 1.40% की वृद्धि
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शंघाई SSE कंपोजिट: सकारात्मक बंद
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हांगकांग हैंग सेंग: गिरावट के साथ बंद
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यूरोप के बाजारों में भी गिरावट दर्ज हुई।
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अमेरिकी बाजार मंगलवार को स्थिर रहे।
तेल की कीमतों में उछाल
भू-राजनीतिक तनाव के कारण एमसीएक्स पर कच्चे तेल की कीमतें 460 रुपये बढ़कर 7,881 रुपये प्रति बैरल हो गईं। अप्रैल अनुबंध 7,815 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड का भाव: 92.86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल, 5.76% की बढ़ोतरी।
निवेशकों की गतिविधि
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विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ने 4,672.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने 6,333.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।