पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से खर्च में संयम बरतने की अपील का असर घरेलू शेयर बाजार पर साफ नजर आया। मंगलवार को भारतीय बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक तेज गिरावट के साथ बंद हुए।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक की गिरावट के साथ 74,559.24 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 436.30 अंक टूटकर 23,379.55 के स्तर पर आ गया। लगातार दूसरे दिन बाजार में कमजोरी दर्ज की गई और दोनों इंडेक्स में लगभग 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
इसी बीच भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बढ़ा और रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.63 (अस्थायी) तक फिसल गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।
बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया VIX 4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19.26 पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई। इस गिरावट का असर व्यापक रूप से देखने को मिला और बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक घटकर लगभग 457 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और मुद्रा दबाव आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।