नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद राजस्थान के विभिन्न शहरों, खासकर कोटा और जयपुर में रहकर तैयारी कर रहे मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच गहरी निराशा देखने को मिली। छात्रों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और अनिश्चितताओं ने उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित किया है।

सरकार के इस फैसले के बाद कई छात्रों ने अपनी प्रतिक्रिया में नाराजगी और चिंता जताई। उनका कहना है कि वर्षों की तैयारी एक ही फैसले से प्रभावित हो गई है।

दो साल की मेहनत पर पड़ा असर

जयपुर में तैयारी कर रहे छात्र अमित मीणा ने बताया कि उन्होंने दो साल से लगातार मेहनत की थी और इस बार अच्छे अंकों की उम्मीद थी। उनका मानना था कि 500 से अधिक नंबर आने की संभावना थी।

अमित ने बताया कि उनके पिता किसान हैं और परिवार ने काफी संघर्ष कर उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया है। परीक्षा रद्द होने से उनका मनोबल काफी टूट गया है।

“हर साल पेपर लीक से मेहनत बेकार हो रही है”

जयपुर की एक छात्रा ने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं मेहनती छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में भी परीक्षा से जुड़े विवाद सामने आए थे, जिससे ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों को नुकसान हुआ।

सरकार की व्यवस्था पर नाराजगी

अलवर की छात्रा साक्षी, जो जयपुर में किराए पर रहकर तैयारी कर रही हैं, ने कहा कि यह उनका पहला प्रयास था लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनका उत्साह टूट गया है। उन्होंने कहा कि अब पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा है और वे काफी निराश हैं।

आर्थिक बोझ और उम्मीदों का टूटना

धौलपुर की छात्रा सुनैना तोमर ने बताया कि नीट की तैयारी पर हर महीने हजारों रुपये खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने के बाद परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से सारी मेहनत पर पानी फिर गया।

“पेपर अच्छा गया था, लेकिन अब अनिश्चितता”

कोटा की छात्रा रिया ने बताया कि उन्होंने इस बार अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की थी। उनका पेपर भी अच्छा गया था, लेकिन परीक्षा रद्द होने के फैसले ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है।

NTA की भूमिका पर सवाल

कोटा में पढ़ाई कर रही छात्रा ओजस्वनी विजय ने कहा कि इस तरह की समस्याओं की गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि अगर परीक्षा दोबारा आयोजित की जाती है तो यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

दोबारा तैयारी को लेकर चिंता

एक अन्य छात्र ने कहा कि दोबारा परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छात्र पहले ही परिणाम का इंतजार कर रहे थे, ऐसे में फिर से शुरुआत करना मानसिक दबाव बढ़ा रहा है।