घरेलू शेयर बाजार में हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन भी दबाव का माहौल देखने को मिला। पूरे सत्र के दौरान बाजार में कमजोरी बनी रही और अंत में प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स 251.61 अंक टूटकर 77,017.79 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 86.50 अंक की गिरावट के साथ 24,032.80 पर आ गया। वहीं, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया भी दबाव में रहा और डॉलर के मुकाबले 2 पैसे कमजोर होकर 95.25 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।

वैश्विक तनाव का असर बाजारों पर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दिया। वॉल स्ट्रीट में रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।

तेल की कीमतों में शुरुआती तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई, जिससे ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रही।

यूरोप और एशिया के बाजारों का प्रदर्शन

यूरोपीय बाजारों में भी मिश्रित रुख रहा। ब्रिटेन का FTSE 100 करीब 0.8% गिर गया, जबकि फ्रांस का CAC 40 और जर्मनी का DAX क्रमशः 0.6% और 1% की बढ़त के साथ बंद हुए।

एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया और चीन में अवकाश के कारण कारोबार सीमित रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.8% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

ऑस्ट्रेलिया में ब्याज दरों में बढ़ोतरी

मध्य पूर्व में जारी तनाव और बढ़ती महंगाई के दबाव को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक ने अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाकर 4.35% कर दी। इसके बाद वहां के शेयर बाजार S&P/ASX 200 में 0.2% की गिरावट दर्ज की गई।