नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से गंभीर हादसा हो गया। घटना के समय भवन में मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए, जिनमें फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) और नीट-पीजी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा डॉक्टर भी शामिल बताए जा रहे हैं।
फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स संगठन के अध्यक्ष डॉ. जसवंत के अनुसार, राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 9 से 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। उन्होंने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य घायलों का इलाज करने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
घटना के बाद बचाव एजेंसियां लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। हालांकि, डॉ. जसवंत ने दावा किया कि कुछ कारणों से रेस्क्यू टीमों को प्रभावित हिस्सों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
घटनास्थल पर चिंता और बेचैनी का माहौल
हादसे के बाद पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है। परिजन और परिचित लगातार अपने प्रियजनों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। डॉ. जसवंत ने कहा कि यदि बचाव कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए तो अंदर फंसे लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना ने चिकित्सा समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेहनत कर रहे कई युवा इस हादसे से प्रभावित हुए हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के लिए सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर
घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने विशेष ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की। इससे एम्बुलेंस को बिना बाधा अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिली।
जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां कोचिंग सेंटर, पीजी आवास, कार्यालय, कैफे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। घटना शाम के समय हुई, जब अधिकांश कार्यालय बंद हो चुके थे। सप्ताहांत और शाम का समय होने के कारण भवन में सामान्य दिनों की तुलना में कम लोग मौजूद थे, जिससे संभावित नुकसान कुछ हद तक कम रहा।