वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नरमी और सकारात्मक आर्थिक संकेतों के बीच शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली। ईरान से जुड़े तनाव में संभावित कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ते आशावाद ने निवेशकों की धारणा को समर्थन दिया, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 332.39 अंक की बढ़त के साथ 75,507.09 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 84.60 अंक चढ़कर 23,747.40 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेश प्रवाह और डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट की समाप्ति से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

बाजार विश्लेषक अजय बग्गा के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक मई महीने में अधिकांश समय बिकवाली के रुख में रहे हैं, जिससे बाजार में सावधानी का माहौल बना हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी साप्ताहिक और मासिक एक्सपायरी से पहले निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। उनके मुताबिक, वैश्विक बाजार इस समय संवेदनशील स्थिति में हैं, जहां तकनीकी और एआई-संचालित तेजी प्रमुख सूचकांकों को प्रभावित कर रही है।

ईरान को लेकर जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुए हैं। हालांकि कुछ राजनीतिक संकेतों ने अल्पकालिक राहत जरूर दी है। वहीं जापान में अपेक्षाकृत कम मुद्रास्फीति आंकड़ों ने एशियाई बाजारों को अतिरिक्त समर्थन दिया।

एशियाई बाजारों में तेजी

एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख देखा गया। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 2.61 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,293.00 पर पहुंच गया। हांगकांग का हैंग सेंग 1.34 प्रतिशत और ताइवान का वेटेड इंडेक्स 1.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता रहा।

भू-राजनीतिक हालात में हल्के बदलाव और सैन्य तनाव में अस्थायी ठहराव के संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। राजनीतिक स्तर पर दिए गए हालिया बयानों से मध्यस्थता की संभावनाओं को भी बल मिला है।

ऊर्जा बाजार और रुपये की स्थिति

कच्चे तेल के बाजार में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 1.54 प्रतिशत बढ़कर 104.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अन्य क्रूड ऑयल 1.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.40 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अबू धाबी में एक नई पाइपलाइन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जो 2027 तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकती है।