भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कमजोरी के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक गिरकर 77,004.47 पर आ गया, जबकि निफ्टी 23,850 से नीचे 23,840.25 तक पहुंच गया। बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में 558.43 (-0.72%) अंकों की गिरावट दर्ज हुई। प्रमुख शेयरों में अदाणी पोर्ट्स और इन्फोसिस में करीब 2% तक की गिरावट देखी गई। वहीं, शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 92.70 पर कारोबार करता दिखा।

बाजार में गिरावट के पीछे मुख्य कारण
पिछले पांच सत्रों की लगातार बढ़त के बाद ईरान-अमेरिका युद्धविराम पर अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के चलते बाजार गिरावट की ओर गया। सेंसेक्स के बड़े शेयरों में इंफोसिस, अदाणी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएलटेक और एलएंडटी में 2% तक की गिरावट रही। वहीं टाटा स्टील, एनटीपीसी, बीईएल और पावर ग्रिड के शेयर लाभ में रहे।

सेगमेंट वार प्रदर्शन
एनएसई पर निफ्टी आईटी में करीब 1% की गिरावट रही, जबकि निफ्टी मेटल 1% से अधिक बढ़ा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांकों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। एनएसई में कुल 597 शेयर गिरे, 1,969 शेयर बढ़े और 76 शेयर अपरिवर्तित रहे।

मुख्य चार कारण जो बाजार दबाव में लाए

  1. युद्धविराम की अनिश्चितता: ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा के बावजूद क्षेत्रीय तनाव जारी है। इज़राइल ने लेबनान में हिज़बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी, जिससे निवेशकों में संदेह बना।
  2. तेल की बढ़ती कीमतें: होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने में देरी और मध्य पूर्व से तेल की आपूर्ति पर असर के चलते ब्रेंट क्रूड 96.70 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 97 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
  3. वैश्विक बाजारों में कमजोरी: जापान का निक्केई 0.8%, हांगकांग का हैंग सेंग 0.2%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.5% और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.7% गिर गया। अमेरिका में डॉव जोन्स फ्यूचर्स भी कमजोर संकेत दे रहे हैं।
  4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: FII लगातार 26वें सत्र में भारतीय शेयरों में शुद्ध बिक्री कर रहे हैं। बुधवार को करीब 2,812 करोड़ रुपये के शेयर बिकने से निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।