मुंबई। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी दिखाई दी, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों करीब 1 प्रतिशत गिर गए। निवेशकों की चिंता मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली की वजह से बढ़ी। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार निकासी और रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 934 अंकों की गिरावट के साथ 75,100.34 अंक पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 322 अंक टूटकर 23,316.85 अंक पर बंद हुआ। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 708.38 अंक या 0.93 प्रतिशत गिरकर 75,326.04 पर और निफ्टी 222.05 अंक या 0.93 प्रतिशत गिरकर 23,417.10 पर कारोबार कर रहा था।

कंपनियों की स्थिति
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा नुकसान में रहीं। वहीं, पावर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी और बजाज फिनसर्व ने लाभ कमाया।

वैश्विक बाजार का हाल
एशियाई शेयर बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक सभी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट दर्ज हुई, जिसमें नैस्डैक कंपोजिट 1.78%, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.56% और S&P 500 1.52% नीचे गए।

विशेषज्ञों की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के प्रमुख निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशियाई तनाव और वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता निवेशकों के मनोबल को प्रभावित कर रही है। अमेरिकी बाजारों में कमजोरी का मतलब है कि सुधार में समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल बनी हुई है, जिससे तेल कंपनियों और ऊर्जा-संबंधित शेयरों पर दबाव बढ़ा है।

तेल की कीमत और निवेशक गतिविधि
ब्रेंट क्रूड 0.07 प्रतिशत बढ़कर 100.05 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 7,449.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गुरुवार को सेंसेक्स 829.29 अंक या 1.08% गिरकर 76,034.42 पर और निफ्टी 227.70 अंक या 0.95% घटकर 23,639.15 पर बंद हुआ।