पाकिस्तान में एक हमले में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का शीर्ष कमांडर जिया-उर-रहमान उर्फ अबू कताल मारा गया। वह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जम्मू और कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों के लिए वांछित था। जिया-उर-रहमान कौन था, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं- 

जिया-उर-रहमान का जन्म 4 फरवरी 1982 को पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सांगहर जिले में हुआ था। उसने अपनी आतंकवादी गतिविधियों की शुरुआत 2000 के दशक में शुरू की थी। उसने लश्कर-ए-तैयबा के लिए जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की थी और वह 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद का सबसे भरोसेमंद साथी था। 

लश्कर-ए-तैयबा में प्रमुख भूमिका 
रहमान ने लश्कर-ए-तैयबा में अहम भूमिका निभाई थी और कई आतंकी हमलों की साजिश रची। वह पुंछ और रजौरी क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों का मुख्य साजिशकर्ता था। इसके अलावा, वह भारत में कई बड़े हमलों की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार था, जिनमें 2023 में रजौरी जिले के ढंगरी गांव में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमला शामिल था। इस हमले में पांच लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। 

रियासी में बस हमले की साजिश में भी था शामिल
इसके अलावा, वह 2024 में रियासी में बस पर हमले की साजिश में भी शामिल था। इस हमले में नौ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 41 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा, 2023 में भट्टा-दुरियां और कंडी हमले में उसकी बड़ी भूमिका थी, जिसमें भारतीय सेना के जवान शहादत हुई थी। रहमान पाकिस्तान के कोटली जिले में लश्कर के एक छोटे आतंकवादी समूह  खुइरट्टा डिट्स का प्रभारी था। वह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लश्कर के आतंकवादियों और उसके ऑपरेटरों के बीच की मुख्य कड़ी था। 

कई आतंकवादी घटनाओं के लिए वांछित था रहमान
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रहमान को कई आतंकवादी घटनाओं में शामिल पाया था और उसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के आरोपित किया था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में उसकी भूमिका सामने आई थी और वह भारत में वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल था। 

सोशल मीडिया पर सईद के भी घायल होने की खबरें आई पर पुष्टि नहीं हुई
रविवार दिन में सोशल मीडिया पर लश्कर सरगना हाफिज सईद के भी कताल के साथ अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में घायल होने की खबरें आई लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि कताल के साथ कार में सईद भी मौजूद था और गोलीबारी में वह भी घायल हुआ। कुछ ने तो यहां तक दावा किया कि उसकी बाद में मौत हो गई लेकिन इन दावों की कहीं से पुष्टि नहीं हो सकी।