अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में एक कार चला रही महिला की इमिग्रेशन एजेंसी की गोलीबारी में मौत के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस घटना के विरोध में नागरिक अधिकार और प्रवासी समर्थन से जुड़े संगठनों ने मिनेसोटा सहित देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं और बड़े पैमाने पर रैलियों का आह्वान किया गया है।

राज्य प्रशासन ने इस मामले की स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शन के आयोजकों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीति और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) एजेंसी की व्यापक तैनाती के खिलाफ देशभर में सप्ताहांत के दौरान एक हजार से अधिक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

डेमोक्रेट शासित शहरों में बढ़ी तैनाती

सूत्रों के अनुसार, संघीय एजेंसियों की तैनाती मुख्य रूप से उन शहरों में की जा रही है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकारें हैं। हाल ही में करीब 2,000 संघीय अधिकारियों को मिनियापोलिस भेजा गया है, जिसे गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान बताया है।

सामने आया गोलीबारी का नया वीडियो

घटना से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में मृतक महिला रेनी गुड शांत नजर आ रही हैं और अधिकारी से यह कहते हुए सुनाई देती हैं कि उन्हें कोई शिकायत नहीं है। बताया जा रहा है कि यही उनके आखिरी शब्द थे।

मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं।

बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव

वीडियो में दिख रहा है कि गोली चलने से ठीक पहले महिला अपनी कार को धीरे-धीरे आगे बढ़ा रही थीं। इस फुटेज के सार्वजनिक होने के बाद राज्य और स्थानीय नेताओं तथा ट्रंप प्रशासन के बीच टकराव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।