इस्लामाबाद, पाकिस्तान: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांतों में हाल के कई हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट जिले में संदिग्ध आतंकियों ने पुलिस वाहनों को निशाना बनाकर दोहरे हमले किए। इस घटना में कम से कम छह पुलिसकर्मी और एक नागरिक की मौत हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहला हमला कोहाट में एक गश्ती वाहन पर हुआ, जिसमें मौके पर ही एक अधिकारी की जान चली गई। कुछ ही मिनटों के भीतर जब अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचे, तो हमलावरों ने दूसरा हमला किया, जिसमें पांच और पुलिसकर्मी और एक आम नागरिक मारे गए। हमलावर घटना के बाद फरार हो गए, और इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।
बुकर में आत्मघाती हमला
उसी दिन पंजाब के बुकर जिले में एक पुलिस चौकी पर आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इस विस्फोट में दो पुलिस अधिकारी मारे गए और चार अन्य घायल हुए। अधिकारियों ने कहा कि हमले की जांच जारी है और किसी समूह ने जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।
कराक में पहले भी हमला
सोमवार को कराक इलाके में अर्धसैनिक चौकी पर ड्रोन से विस्फोटक हमला किया गया। इसमें कई अधिकारी घायल हुए और उन्हें ले जा रही एंबुलेंस पर भी हमला हुआ, जिससे तीन अधिकारी मारे गए और उनके शव जलाए गए। हालांकि एंबुलेंस चालक गंभीर रूप से झुलसने के बावजूद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सफल रहा।
टीटीपी पर शक
हालांकि इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली, सुरक्षा एजेंसियां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पर शक जता रही हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान से कार्यरत हैं, जबकि टीटीपी और काबुल इस दावे का खंडन कर चुके हैं।
रविवार को पाकिस्तानी सेना ने अफगान सीमा के पास कार्रवाई कर 70 आतंकियों को मार गिराने का दावा भी किया था।
सरकार और राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमलों की निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के हमलों से स्पष्ट है कि उग्रवादी समूह फिर सक्रिय हो रहे हैं और सीमा पार कार्रवाई तथा आतंकी घटनाओं के बीच पाकिस्तान में सुरक्षा हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।