बांग्लादेश के सुनामगंज जिले में हिंदू समुदाय की दुकानों, घरों और लोकनाथ मंदिर को नुकसान पहुंचाने के मामले में शनिवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इन मामलों में 150-170 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें 12 नामजद हैं। 

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में अलीम हुसैन (19 वर्षीय), सुल्तान अहमद राजा (20 वर्षीय), इमरान हुसैन (31 वर्षीय) और शाहजान हुसैन शामिल हैं। यह घटनाएं सुनामगंज जिले के दोराबाजार क्षेत्र में इस महीने की शुरुआत में हुई थीं।

पूरा मामला कहां से शुरू हुआ
सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संगबाद संस्था (बीएसएस) के मुताबिक, सुनामगंज के एक निवासी आकाश दास ने तीन दिसंबर को फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी, जिसके कारण जिले में तनाव बढ़ गया। हालांकि, आकाश ने पोस्ट को हटा लिया था। लेकिन उसके स्क्रीनशॉट वायरल हो गए। जिसके बाद इलाके में हिंसा फैल गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने आकाश को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन उनकी सुरक्षा की चिंता के कारण उन्हें दूसरे थाने भेज दिया गया। उस दिन भीड़ ने हिंदू समुदाय के घरों, दुकानों और लोकनाथ मंदिर को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त और सेना के जवान मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में किया। पुलिस ने इस घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की और 150-170 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज दर्ज किया, जिसमें 12 लोग नामजद हैं। 

अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ी हिंसा
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रवक्ता शफीकुल आलम ने कहा, बांग्लादेश में अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद से अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं के खिलाफ 88 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुई हैं। सरकार ने इन घटनाओं में शामिल 70 लोगों को गिरफ्तार किया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी ढाका में बांग्लादेशी नेताओं से मुलाकात के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी।