वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे दुनिया के प्रमुख नेताओं के बीच खुद को “बॉस” बताते नजर आ रहे थे। इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

अब ट्रंप ने इस वायरल बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह केवल मजाक था।

“मैं सिर्फ मजाक कर रहा था” — ट्रंप

‘द एक्सियोस शो’ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत संदर्भ में लिया गया। उन्होंने बताया कि जब वे बैठक कक्ष में पहुंचे, जहां पहले से कई देशों के नेता मौजूद थे, तो माहौल को हल्का बनाने के लिए उन्होंने मजाक में कहा था कि “मैं बॉस हूं।”

ट्रंप ने कहा, “मैंने सभी को बैठे हुए देखा और बस हल्के अंदाज में कहा कि मैं बॉस हूं। यह सिर्फ मजाक था, इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि उनका किसी भी तरह नेतृत्व जताने या खुद को श्रेष्ठ दिखाने का कोई इरादा नहीं था। ट्रंप के मुताबिक, यह बयान एक सहज टिप्पणी थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया।

जी-7 सम्मेलन में हुआ था यह वाकया

यह घटना जी-7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन की बताई जा रही है, जब ट्रंप बैठक में पहुंचे थे और अन्य नेता पहले से मौजूद थे। सम्मेलन के दौरान उनका यह पल कैमरे में कैद हो गया, जो बाद में वायरल हो गया।

ट्रंप हाल ही में अपने 80वें जन्मदिन के बाद इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने फ्रांस पहुंचे थे।

क्या है जी-7 समूह?

जी-7 दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं।

इस समूह की शुरुआत 1975 में फ्रांस में हुई थी, जिसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर साझा रणनीति बनाना था। बाद में कनाडा के जुड़ने के बाद इसे जी-7 के नाम से जाना जाने लगा।