सऊदी अरब में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिसके चलते कई इलाकों में स्कूलों और विश्वविद्यालयों को बंद करने का फैसला लिया गया है। रियाद और अल अहसा प्रांत के आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है और सामान्य आवाजाही बाधित हो गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में मौसम की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।
रविवार को रियाद, नज्रान, मक्का, पूर्वी प्रांत और अन्य हिस्सों में मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली, जिससे दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें राजधानी रियाद की सड़कों पर बारिश के बाद तेज पानी का बहाव देखा गया।
इसके बाद कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चली, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। मौसम विभाग ने मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में तेज धूल भरी हवाओं को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अरब की खाड़ी में हवा की गति 45 किमी प्रति घंटा से अधिक और लाल सागर के कुछ हिस्सों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
रियाद में अभी भी बारिश का असर बना हुआ है, हालांकि धीरे-धीरे इसकी तीव्रता कम होने की उम्मीद है। सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों को सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
स्थिति को देखते हुए देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में ऑफलाइन कक्षाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं और कई विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन मोड में पढ़ाई शुरू कर दी है। इनमें अल-बहा यूनिवर्सिटी, किंग सऊद बिन अब्दुलअजीज यूनिवर्सिटी फॉर हेल्थ साइंसेज और किंग खालिद यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
पूर्वी प्रांत के शिक्षा विभागों ने ‘मदरसती’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से रिमोट लर्निंग जारी रखने का निर्णय लिया है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी।
मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार तक देश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, सऊदी रेड क्रिसेंट अथॉरिटी ने रियाद में अपनी आपात तैयारियों को बढ़ाते हुए पूर्ण अलर्ट घोषित कर दिया है।