ईरान की कैद से 2 साल बाद यूरोपियन यूनियन के डिप्लोमेट और स्वीडन के नागरिक फ्लोरडरस को रिहाई मिल गई है. फ्लोरडरस ने अपनी रिहाई के बाद कहा कि ये एक सपने जैसा है और मुझे इस पर यकीन नहीं हो रहा है. उनकी रिहाई कैदियों की अदला-बदली से हुई है, जोहान फ्लोडरस और एक दूसरे स्वीडिश नागरिक को ईरान के सईद अजीजी और हामिद नूरी के बदले रिहा किया गया है.
सईद अजीजी और हामिद नूरी को 1988 में हुई ईरान में सामूहिक हत्याओं में उनकी भूमिका के लिए स्टॉकहोम में गिरफ्तार किया गया था. वहीं फ्लोडरस को अप्रैल 2022 में तेहरान के एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, तब वे अपने दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे.
रिहाई के बाद क्या बोले फ्लोडरस ?
स्वीडिश मीडिया को दिए गए एक बयान में फ्लोडरस कहा, ‘दो साल के लंबे अरसे के बाद मैं आखिरकार एक आजाद आदमी हूं, अपने परिवार, मंगेतर से फिर से मिला हूं और अब शादी कर पाऊंगा. अपने प्रियजनों से वापस मिलना और आजादी से अपना जीवन फिर से जीने का सपना, जिस पर मैं विश्वास करने की हिम्मत नहीं करता था आज सच हो गया है.’
स्वीडन के न्यूज आउटलेट एक्सप्रेसन टैब्लॉयड ने शनिवार को फ्लोडरस का एक वीडियो पोस्ट किया. जिसमें वे एयरपोर्ट के बाहर घुटने पर बैठकर अपनी मंगेतर को प्रपोज कर रहे हैं. बैकग्राउंड में स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन खड़े दिखाई दे रहे हैं, बता दें कि एयरपोर्ट पर फ्लोडरस को रिसीव करने स्वीडन के प्रधानमंत्री खुद पहुंचे थे. फ्लोडरस ने अपनी कैद के दो सालों के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने ‘धरती पर नर्क’ का सामना किया है.
ओमान ने कराई डील
कैदियों की अदला-बदली की मध्यस्थता ओमान ने की है. ओमान लंबे समय से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच मध्यस्थ के रूप में काम करता रहा है. ये कैदियों की अदला बदली ईद अल-अधा के वक्त हुई है, मुस्लिम मान्यताओं में इस महीने में आमतौर पर कैदियों को रिहा किया जाता है. ईरान पहले भी कई बार अपने लोगों को रिहा कराने के लिए पश्चिमी देशों के नागरिकों को गिरफ्तार करता रहा है.