न्यूयॉर्क। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका की एक संघीय अदालत में अपनी पहली पेशी के दौरान सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया। ड्रग तस्करी और आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई में मादुरो ने अदालत के समक्ष दावा किया कि वह किसी अपराध में शामिल नहीं हैं और आज भी वेनेजुएला के संवैधानिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति हैं।
पेशी के दौरान मादुरो ने जज से कहा कि उन्हें कराकास स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया और यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन अमेरिका लाया गया और उनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया। मादुरो ने अदालत में स्पष्ट कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वे किसी भी तरह के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े नहीं हैं।
वरिष्ठ जज के समक्ष चल रही सुनवाई
इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई न्यूयॉर्क की साउदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश एल्विन के. हेलरस्टीन कर रहे हैं। 92 वर्षीय जज हेलरस्टीन को 1998 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने नियुक्त किया था। उन्हें आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील मामलों का लंबा अनुभव है, जिनमें 11 सितंबर 2001 के हमलों से जुड़े केस भी शामिल हैं।
किन आरोपों में घिरे हैं मादुरो?
अमेरिकी एजेंसियों ने मादुरो पर चार बड़े आरोप लगाए हैं। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिश, नार्को-टेररिज्म, अवैध हथियारों और विस्फोटकों के कब्जे तथा इनके लिए साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। अमेरिका का दावा है कि सत्ता में रहते हुए मादुरो ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को संरक्षण दिया। हालांकि मादुरो लगातार इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं।
बढ़ता राजनयिक तनाव
मादुरो की अमेरिकी अदालत में पेशी को वेनेजुएला और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है। जहां कराकास इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है, वहीं वाशिंगटन का कहना है कि यह पूरी तरह कानून के दायरे में की गई कार्रवाई है। आने वाली सुनवाइयों से तय होगा कि यह मामला केवल न्यायिक प्रक्रिया तक सीमित रहता है या फिर दोनों देशों के बीच टकराव और गहराता है।