ट्रंप प्रशासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली भारतीय छात्रा रंजनी श्रीनिवासन का वीजा पिछले हफ्ते रद्द दिया था. वीजा रद्द होने के बाद इस छात्रा ने कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन होम ऐप का इस्तेमाल कर खुद को डिपोर्ट करते हुए अमेरिका छोड़ दिया. ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रंप प्रशासन ने इस भारतीय छात्रा का वीजा रद्द क्यों किया?

अमेरिका ने रंजनी श्रीनिवासन पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया है. होमलैंड सुरक्षा विभाग का कहना है कि रंजनी श्रीनिवासन ने एफ-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में प्रवेश किया था. वह आतंकवादी संगठन हमास को समर्थन देने वाली गतिविधियों में शामिल थीं. रंजनी श्रीनिवासन कोलंबिया यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर यानी डॉक्टरेट की छात्रा हैं.

होमलैंड सुरक्षा विभाग ने रंजनी श्रीनिवासन का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वह अपने बैग के साथ जेटवे से नीचे उतरती हुई दिखाई दे रही हैं. वाशिंगटन टाइम्स ने होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के हवाले से बताया कि वह मंगलवार को चली गईं. अमेरिका में कड़े इमिग्रेशन नियमों के बीच यह मामला काफी चर्चा में है.

https://twitter.com/Sec_Noem/status/1900562928849326488

ट्रंप प्रशासन ने क्यों रद्द किया रंजनी का वीजा?

वहीं, इस मामले में ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि रंजनी का वीजा हिंसा और आतंकवाद की वकालत करने के लिए रद्द कर दिया है. विभाग ने कहा कि श्रीनिवासन ने मंगलवार को सेल्फ डिपोर्ट का विकल्प चुना. हालांकि, अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि उनके पास क्या सबूत हैं कि श्रीनिवासन ने हिंसा और आतंकवाद की वकालत की थी.

अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 मार्च को रंजनी का वीजा रद्द कर दिया था. होमलैंड सुरक्षा विभाग ने 11 मार्च को सेल्फ डिपोर्ट के लिए CBP होम ऐप का इस्तेमाल करते हुए उसका वीडियो फुटेज प्राप्त किया है. इन सब के बीच अमेरिका ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी को दिए जाने वाले 400 मिलियन यूएस डॉलर की सहायता को भी रद्द कर दिया है, जिनमें से ज्यादातर पैसा मेडिकल रिसर्च के लिए था.