इस्राइल ने कहा कि हमास की ओर से जारी की गई सूची में 33 में आठ बंधक पहले चरण में रिहा किए जाने से पहले ही मारे जा चुके हैं। एसोसिएटेड प्रेस ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

सरकार के प्रवक्ता डेविड मेंसार ने पत्रकारों को बताया, हमास की ओर से जारी 33 बंधकों की सूची में से आठ पहले ही मारे जा चुके हैं। बाकी 25 बंधक जीवित हैं। इस्राइल ने कहा कि उसे हमास से बंधकों की स्थिति की जानकारी वाली सूची मिली है। बंधकों की अगली रिहाई गुरुवार को होगी। इसके बाद शनिवार को फिर बंधकों की रिहाई होगी। 

सात अक्तूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने इस्राइल पर हमले किए थे। जिसमें करीब 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे और करीब ढाई सौ लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इन्हें गाजा ले जाया गया। इसके जवाब, इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हमले शुरू किए। इस्राइली हमलों में 46,000 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। इस युद्ध के कारण गाजा पट्टी की 90 फीसदी आबादी को विस्थापन का सामना करना पड़ा है। वहीं, लोगों के सामने भुखमरी का संकट भी खड़ा हो गया।

संघर्ष शुरू होने के बाद से यह दूसरी बार युद्धविराम समझौता लागू हुआ है। इस बार युद्धविराम समझौते के बाद से हमास ने इस्राइल के सात बंधकों को रिहा कर दिया है। इसके बदले में इस्राइल ने 300 से ज्यादा फलस्तीनियों को अपनी जेलों से रिहा किया है। इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम का पहला चरण मार्च की शुरुआत तक चलेगा, जिसमें हमास इस्राइल के 33 बंधकों को रिहा करेगा। इसके बदले में इस्राइल करीब दो हजार फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने के लिए तैयार हुआ है।

इस्राइल द्वारा रिहा किए जाने वाले कैदियों में से कई ऐसे हैं, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इस्राइल के करीब 90 बंधक अभी भी हमास की कैद में हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इनमें से एक तिहाई की मौत हो चुकी है। वहीं इस्राइल के गाजा में हमले में गाजा की करीब 90 फीसदी आबादी विस्थापित हुई है और गाजा का बड़ा हिस्सा इस लड़ाई में तबाह हो चुका है।