नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव में कमी आने की खबरों के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसका असर घरेलू और एशियाई बाजारों में साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले, जबकि रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई।

शेयर बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स में करीब 1,000 अंकों से अधिक की तेजी देखी गई, जबकि एनएसई निफ्टी भी 300 अंकों से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता नजर आया। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 53 पैसे मजबूत होकर खुला, जिससे निवेशकों का उत्साह और बढ़ गया।

इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इंडिगो, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स और ईटरनल के शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन किया। वहीं निफ्टी पर श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, ईटरनल, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) सबसे अधिक बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

एशियाई बाजारों में भी जबरदस्त उछाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद एशियाई बाजारों में भी खरीदारी का माहौल बना। जापान का निक्केई सूचकांक चार प्रतिशत से अधिक चढ़कर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 4 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाजार में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिम घटने के संकेतों ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में आई राहत

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी क्रूड दोनों में प्रति बैरल तीन डॉलर से अधिक की कमी देखने को मिली। तेल कीमतों में नरमी से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह गिरावट बरकरार रहती है तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि उनका कहना है कि हालिया भू-राजनीतिक तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर पड़े प्रभाव को पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।

बाजार जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी, कच्चे तेल की नरम कीमतें और मजबूत विदेशी संकेत फिलहाल भारतीय बाजारों के लिए सकारात्मक माहौल बना रहे हैं।