नई दिल्ली। NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों को डाउनलोड प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बैंक खाते की जानकारी सत्यापित करने में आ रही दिक्कतों के कारण कुछ छात्र अपना एडमिट कार्ड प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों को आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखने और प्रक्रिया को धैर्यपूर्वक पूरा करने की सलाह दी है।

एजेंसी के अनुसार, 21 जून को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए अब तक लगभग चार लाख अभ्यर्थी सफलतापूर्वक अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। हालांकि, कुछ छात्रों ने सर्वर और तकनीकी बाधाओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं।

सोशल मीडिया पर कई उम्मीदवारों ने बताया कि बैंक विवरण भरने के बाद भी सिस्टम जानकारी स्वीकार नहीं कर रहा है। कुछ छात्रों का कहना है कि दोबारा विवरण अपडेट करने का प्रयास करने पर भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही, जिससे एडमिट कार्ड डाउनलोड में बाधा आ रही है।

NTA ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए उसकी टीम लगातार काम कर रही है। एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे लॉगिन करने से पहले अपने बैंक खाते से जुड़ी सभी जानकारियां तैयार रखें। इसमें बैंक रिकॉर्ड के अनुसार पूरा नाम, खाता संख्या, IFSC कोड और कैंसिल चेक की स्कैन कॉपी शामिल है। इससे जानकारी अपडेट करने में आसानी होगी और त्रुटियों की संभावना कम रहेगी।

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर NEET UG Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आवेदन संख्या और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन कर एडमिट कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है। उम्मीदवारों को इसका प्रिंटआउट भी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

फीस रिफंड से जुड़ी बैंक जानकारी अपडेट करने के लिए उम्मीदवारों को पोर्टल पर उपलब्ध Fee Refund Verification Link का उपयोग करना होगा। लॉगिन के बाद दो-स्तरीय OTP सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और स्क्रीन पर प्रदर्शित बैंक विवरण की जांच करनी होगी। किसी भी त्रुटि की स्थिति में जानकारी को संशोधित कर सबमिट किया जा सकता है।

NTA के मुताबिक, NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा की अवधि 3 घंटे 15 मिनट निर्धारित की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रश्नपत्रों को भारतीय वायुसेना के MI-17 हेलीकॉप्टरों की मदद से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनी रहे।