पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हालात एक बार फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने शनिवार को अपने अभियान ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत करने की घोषणा की। इस चरण में विद्रोहियों ने अलग-अलग इलाकों में एक साथ कई हमले किए, जिनका निशाना पाकिस्तानी सेना और पुलिस के ठिकाने रहे।

बीएलए की ओर से दावा किया गया है कि इन हमलों में 80 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। संगठन के प्रवक्ता जियांद बलूच ने इसे “कब्जे के खिलाफ निर्णायक संघर्ष” बताया। गौरतलब है कि इस ऑपरेशन का पहला चरण अगस्त 2024 में शुरू हुआ था, जिसमें प्रमुख सड़कों और सैन्य शिविरों पर हमले किए गए थे।

वहीं, बलूचिस्तान सरकार ने बीएलए के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में करीब 70 विद्रोहियों को ढेर किया है। सरकारी बयान के मुताबिक शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर के बीच 12 स्थानों पर हुए हमलों में 10 सुरक्षाकर्मियों की भी जान गई। सरकार का कहना है कि ये घटनाएं पंजगुर और हरनाई में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए हालिया अभियानों के बाद हुई हैं, जिनमें कई उग्रवादी मारे गए थे।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हुब, चमन और नसीराबाद जैसे इलाकों में पुलिस, सीमा सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया।

मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने सोशल मीडिया पर कहा कि शुक्रवार रात शुरू हुआ सुरक्षा अभियान शनिवार शाम तक भी जारी रहा। इस बीच संघीय मंत्रियों ने दावा किया कि ग्वादर में नागरिकों पर हमले की कोशिश की गई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते कई हमलों को नाकाम कर दिया गया। सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने भी कहा कि हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जवाबी कार्रवाई जारी है।