अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए हमले में कम से कम 19 लोग मारे गए। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उनका निशाना सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित आतंकी कैंप थे, जबकि अफगान तालिबान का कहना है कि ये हमले नागरिक इलाकों पर किए गए।
तालिबान ने बताया नागरिक हताहतों का आंकड़ा
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कल रात नांगरहार और पत्तिका प्रांतों में बमबारी की गई, जिसमें महिलाएं और बच्चे समेत कई नागरिक शहीद और घायल हुए।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने अफगान सीमा में घुसपैठ की है और अधिकारी इस हमले में हुए नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।
तालिबान की प्रतिक्रिया और संभावित जवाबी कार्रवाई
अभी तक तालिबान की ओर से किसी तत्कालिक जवाब की घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार अफगानिस्तान पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
पाकिस्तान ने आतंकी ठिकानों पर हमला किया
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने एक्स पर पोस्ट में इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में 7 आतंकवादी कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें पाकिस्तान तालिबान और उसके सहयोगी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इनमें इस्लामिक स्टेट से जुड़े संगठन भी शामिल थे, जिन्होंने हाल ही में इस्लामाबाद में मस्जिद पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 31 लोग मारे गए और 160 से अधिक घायल हुए थे।
पाकिस्तान का तर्क
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उन्होंने अफगान तालिबान से बार-बार अनुरोध किया था कि वह अपने इलाके से पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले समूह और विदेशी एजेंटों की गतिविधियों को रोके। लेकिन अफगान तालिबान इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा सका, जिसके बाद पाकिस्तान ने सुरक्षा के लिए अपने सीमावर्ती इलाकों में कार्रवाई की।