अमेरिका की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने दुनिया की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है, जो अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरे उत्पन्न कर रहे हैं। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका पहले से ही इस्राइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में व्यस्त है।
खतरे में पाकिस्तान के साथ रूस, चीन और उत्तर कोरिया भी
गबार्ड ने एक ब्रीफिंग में कहा कि केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान भी तेजी से अपने मिसाइल सिस्टम को विकसित कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये देश नए और उन्नत मिसाइल विकसित कर रहे हैं, जो न केवल परमाणु बल्कि पारंपरिक हथियार भी ले जाने में सक्षम हैं। गबार्ड के अनुसार, इन मिसाइलों की पहुँच इतनी बढ़ गई है कि अब अमेरिका का मुख्य भूभाग भी इनके दायरे में आ सकता है।
वैश्विक सुरक्षा पर बढ़ता खतरा
तुलसी गबार्ड ने चेतावनी दी कि इन देशों की गतिविधियाँ सीधे वैश्विक सुरक्षा पर असर डाल रही हैं। उन्होंने बताया कि रूस और चीन लगातार अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहे हैं, जबकि उत्तर कोरिया भी अपने परमाणु कार्यक्रम को मजबूत कर रहा है। इसके अलावा, उत्तर कोरिया इन देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत कर रहा है, जिससे अमेरिका के लिए खतरा और भी बढ़ सकता है।
ईरान पर अमेरिका का नजरिया
गबार्ड ने यह भी बताया कि अमेरिका ने पिछले साल जून में ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को बड़ा नुकसान पहुँचाया था। उनके अनुसार, तब से अब तक ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम में कोई बड़ी प्रगति नहीं की है। हालांकि, वर्तमान में अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई के चलते यह मुद्दा फिर से सुर्खियों में है।
क्या ट्रंप की नीति से जुड़ा है बयान?
तुलसी गबार्ड का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह चुके हैं कि परमाणु हथियार केवल सुरक्षित हाथों में होने चाहिए। ट्रंप का रुख ईरान के प्रति काफी सख्त रहा है और इसी रणनीति के तहत अमेरिका इस्राइल के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई कर रहा है। गबार्ड का यह बयान अमेरिका की उसी नीति को मजबूती प्रदान करता दिख रहा है।