तेहरान। महंगाई, गिरती मुद्रा और बिगड़ती आर्थिक स्थिति के विरोध में ईरान में शुरू हुए प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। गुरुवार को देश के कई हिस्सों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिनमें कई लोगों की मौत और कई घायल होने की खबर है। इसने हालात और अधिक तनावपूर्ण बना दिए हैं।

पश्चिमी ईरान के लोरडेगन शहर में सुरक्षा बलों और कथित सशस्त्र प्रदर्शनकारियों के बीच मुठभेड़ के दौरान कई लोग मारे गए। मानवाधिकार संगठन हेंगा ने दावा किया कि पुलिस की फायरिंग में प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

इसी बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पश्चिमी शहर कुहदश्त में बसीज अर्धसैनिक बल के एक सदस्य की मौत की पुष्टि की, जबकि 13 अन्य घायल हुए हैं।

विरोध-प्रदर्शन अब केवल एक शहर तक सीमित नहीं हैं। इस्फहान, मार्वदश्त, केरमानशाह, खुजेस्तान और हामेदान समेत कई प्रांतों में भी प्रदर्शन हुए हैं। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और शहरों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये विरोध महंगाई, रियाल मुद्रा की गिरती कीमत और बढ़ती जीवन-लागत के खिलाफ शुरू हुए थे, जो अब व्यापक असंतोष का रूप ले चुके हैं। ईरान इस समय आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है।

पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और महंगाई दर 40 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इस स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने व्यापारियों और ट्रेड यूनियनों से संवाद की पेशकश की है।

सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेगी, हालांकि इसकी विस्तृत रूपरेखा अभी साझा नहीं की गई है। वहीं, ठंड को हवाला देते हुए हाल के दिनों में कई बाजार और विश्वविद्यालय बंद रहे, जिससे सामाजिक गतिविधियों पर असर पड़ा।