जापान में एक बार फिर प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के नेतृत्व में सरकार बनना तय हो गया है। रविवार को हुए प्रतिनिधि सभा के अहम चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन ने स्पष्ट और मजबूत बढ़त हासिल की है। निचले सदन की कुल 465 सीटों में से गठबंधन ने 312 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी 233 सीटों के आंकड़े से कहीं ज्यादा है।
ताकाइची की पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया है। अभी 86 सीटों पर मतगणना जारी है, जबकि विपक्ष अब तक केवल 68 सीटें ही हासिल कर पाया है। यह नतीजा ताकाइची के लिए खास मायने रखता है, क्योंकि उन्होंने पार्टी की कमजोर होती छवि के बावजूद जनता से सीधे जनादेश लेने के लिए समय से पहले चुनाव कराने का फैसला किया था, जो अब सही साबित हुआ।
अचानक चुनाव का दांव रहा सफल
अक्टूबर में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सनाए ताकाइची को व्यक्तिगत रूप से लोकप्रिय नेता माना जाता है, हालांकि उनकी पार्टी को लेकर जनसमर्थन उतना मजबूत नहीं था। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अचानक चुनाव कराने का निर्णय लिया था। सर्दियों के मौसम में कराया गया यह चुनाव उनके लिए निर्णायक साबित हुआ और जनता ने उन्हें स्पष्ट बहुमत सौंप दिया।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक जीत पर सनाए ताकाइची को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि ताकाइची के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी जापान के चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ताकाइची को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव जापान के भविष्य के लिए बेहद अहम है और ताकाइची ने एक मजबूत व दूरदर्शी नेतृत्व का परिचय दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे 19 मार्च को व्हाइट हाउस में ताकाइची का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अहम मानी जा रही जीत
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ताकाइची सरकार की वापसी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। भारत, अमेरिका और जापान के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को और मजबूती दे सकता है।
नीतियों को लेकर साफ रुख
64 वर्षीय ताकाइची चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच जापान की आर्थिक और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की समर्थक रही हैं। वे अमेरिका के साथ गठबंधन को प्राथमिकता देती हैं और सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाती हैं। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता और उनकी सादगी भरी छवि ने चुनाव में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर बहुमत नहीं मिला तो वे पद छोड़ देंगी, लेकिन जनता ने उन्हें निर्णायक जनादेश देकर उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया।