नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्ष विराम के बीच ईरान और अमेरिका एक बार फिर आमने-सामने बातचीत के लिए तैयार हैं। शनिवार को दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में दूसरे दौर की शांति वार्ता होने की संभावना है।

इस वार्ता में अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हो सकते हैं। वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची प्रतिनिधित्व करेंगे, जैसा कि ईरानी सरकारी मीडिया IRNA ने बताया है।

यह बातचीत उस संघर्ष विराम के विस्तार के बाद हो रही है, जो ईरान और हिजबुल्लाह के बीच अस्थायी रूप से लागू किया गया था। हालांकि हाल के सैन्य तनावों और हमलों के बाद स्थिति अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि उसके दूत ईरानी प्रतिनिधियों से आमने-सामने बातचीत करेंगे, जबकि ईरान की ओर से कहा गया है कि फिलहाल सीधी औपचारिक बातचीत की पुष्टि नहीं की गई है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत की उम्मीद की जा रही है और इसका उद्देश्य किसी संभावित समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है।

इसी बीच जानकारी के अनुसार ईरानी विदेश मंत्री अराघची पाकिस्तान में बैठक के बाद ओमान और रूस का भी दौरा करेंगे, जहां क्षेत्रीय शांति और युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी।

इस्लामाबाद में यह बातचीत दूसरा दौर है। इससे पहले हुई बैठकें बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई थीं। मुख्य विवादों में ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दे और कुछ रणनीतिक जलमार्गों को लेकर मतभेद शामिल रहे हैं।

ईरान का कहना है कि वह अपने परमाणु संवर्धन अधिकार पर कायम है, हालांकि बातचीत के माध्यम से स्तर और दायरे पर चर्चा की जा सकती है।