वॉशिंगटन। अमेरिका में शनिवार, 24 जनवरी को आए भीषण बर्फीले तूफान ने कई राज्यों में सामान्य जीवन को पूरी तरह ठप कर दिया है। सड़कों, हवाई सेवाओं और रेल यातायात पर इसका गहरा असर पड़ा है। तेज बर्फबारी और जमाव वाली बारिश के कारण लाखों लोग ठंड और अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए हैं।
नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार, यह तूफान देश की करीब 40 प्रतिशत आबादी को प्रभावित कर रहा है। दक्षिणी रॉकी पर्वत क्षेत्र से लेकर न्यू इंग्लैंड तक भारी हिमपात, ओले और फ्रीजिंग रेन का सिलसिला सोमवार तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिन अत्यधिक ठंडे रहेंगे।
मौसम विशेषज्ञ एलिसन सैंटोरली ने कहा कि इतनी अधिक बर्फ जल्द पिघलने वाली नहीं है और इससे राहत कार्यों में बाधा आ सकती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक कम से कम 12 राज्यों में आपातकाल घोषित करने की मंजूरी दे दी है, और अन्य राज्यों में भी ऐसा किए जाने की संभावना है।
होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) ने पहले से ही कई राज्यों में राहत सामग्री, अतिरिक्त कर्मी और खोज-बचाव टीमें तैनात कर दी हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि इस तूफान से होने वाला नुकसान बर्फ से प्रभावित इलाकों में किसी बड़े तूफान या हरिकेन जैसा हो सकता है।
बिजली आपूर्ति भी प्रभावित
तूफान के कारण शनिवार को देशभर में लगभग 1.20 लाख उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। इसमें टेक्सास और लुइसियाना में करीब 50-50 हजार कनेक्शन प्रभावित बताए गए हैं।