थाईलैंड में पारंपरिक नववर्ष के रूप में मनाया जाने वाला सोंगक्रान उत्सव, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी जल प्रतियोगिता के तौर पर भी जाना जाता है, इस बार भारी सड़क हादसों के कारण चर्चा में है। यह त्योहार हर साल चावल की कटाई के बाद अप्रैल के मध्य में मनाया जाता है, जिसमें लोग परिवार के साथ समय बिताते हैं, बुजुर्गों का सम्मान करते हैं और मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
हालांकि, इस वर्ष यह उत्सव दर्दनाक घटनाओं की वजह से सुर्खियों में आ गया है। थाईलैंड के आपदा निवारण एवं राहत विभाग और सड़क सुरक्षा केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 10 से 15 अप्रैल 2026 के बीच छह दिनों में 1,100 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में 216 लोगों की मौत हुई, जबकि 1,073 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
पहले पांच दिनों (10 से 14 अप्रैल) के दौरान ही 951 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 191 लोगों की जान गई और 900 से अधिक लोग घायल हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंकॉक और अन्य बड़े शहरों से बड़ी संख्या में लोग अपने गृह क्षेत्रों की ओर यात्रा करते हैं, जिससे सड़कों पर दबाव काफी बढ़ जाता है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लगभग 42 प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुईं, जबकि करीब 27 प्रतिशत मामलों में शराब पीकर ड्राइविंग मुख्य वजह रही। मोटरसाइकिल से जुड़े हादसों की संख्या सबसे अधिक रही है, वहीं हेलमेट न पहनना भी गंभीर चोटों और मौतों का बड़ा कारण बना।
स्थानीय स्तर पर इसे ‘सात खतरनाक दिन’ के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इस अवधि में सड़क हादसों में अचानक वृद्धि देखी जाती है। सरकार द्वारा लगातार जागरूकता अभियान और सख्त नियम लागू करने के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है।
गौरतलब है कि सोंगक्रान त्योहार सूर्य के मेष राशि में प्रवेश का प्रतीक माना जाता है, जो पारंपरिक नववर्ष की शुरुआत का संकेत देता है। इसका संबंध संस्कृत शब्द ‘संक्रांति’ से भी बताया जाता है, जिसका अर्थ ज्योतिषीय परिवर्तन या संक्रमण होता है, और भारत के मकर संक्रांति जैसे पर्वों से इसका सांस्कृतिक जुड़ाव माना जाता है।