गाजा पट्टी में युद्धविराम समझौते को लेकर चल रहा विवाद गुरुवार को हल होता नजर आ रहा है। दरअसल, चरमपंथी समूह हमास ने कहा कि वह समझौते के अनुसार इस्राइली बंदियों की रिहाई करेगा। 

हमास ने एक बयान में कहा कि मिस्र और कतर के मध्यस्थों ने आश्वासन दिया है कि वे सभी अड़चनों को हटाने के लिए काम करेंगे। हमास युद्धविराम समझौते को लागू करेगा। बयान में कहा गया है कि शनिवार को तीन और इस्राइली बंदियों को रिहा किया जाएगा। हमास की घोषणा पर इस्राइल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हमास के इस कदम से युद्धविराम समझौता फिलहाल जारी रहेगा। लेकिन भविष्य में युद्धविराम समझौता बना रहेगा, इसको लेकर अनिश्चितता है। 

इस्राइल और अमेरिका ने दी थी चेतावनी
चरमपंथी संगठन ने आरोप लगाया था कि इस्राइल ने बंधकों को रिहा करने के समझौते को सही तरीके से लागू नहीं किया है और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नहीं की है। वहीं, इस्राइल और अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर बंधक बनाए गए उनके नागरिक रिहा नहीं किए जाएंगे, तो युद्धविराम समझौता खत्म हो जाएगा और युद्ध दोबारा शुरू हो जाएगा। 

हमास के प्रतिनिधियों ने की मिस्र के अधिकारियों से बातचीत
हमास ने कहा कि उसके प्रतिनिधिमंडल ने काहिरा में मिस्र के अधिकारियों से बातचीत की और कतर के प्रधानमंत्री से भी संपर्क किया, ताकि गाजा में आश्रय, चिकित्सा आपूर्ति, ईंधन और भारी उपकरणों की आपूर्ति बढ़ा जा सके। 

पिछले महीने लागू हुआ युद्धविराम समझौता
मिस्र के सरकारी टीवी चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मिस्र और कतर ने इस विवाद को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। दोनों अरब देशों ने युद्धविराम समझौते पर मध्यस्थ की भूमिका निभाई। यह युद्धविराम समझौता जनवरी 2025 में लागू हुआ था। गाजा पट्टी में चल रहे युद्धविराम समझौते को लेकर हो रहा विवाद गुरुवार को हल होता हुआ दिखाई दे रहा है। चरमपंथी समूह हमास ने घोषणा की कि वह समझौते के अनुसार इस्राइली बंदियों को रिहा करेगा।

अक्तूबर 2023 में शुरू हुआ था युद्ध
हमास ने सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल के विभिन्न हिस्सों पर हमले किए थे। इन हमलों में करीब 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे और ढाई सौ से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इस्राइली ने युद्ध का एलान किया और जवाबी हमले शुरू किए। युद्ध शुरू होने के बाद गाजा पट्टी में 45 हजार से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। हमास और इस्राइल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से दो बार युद्धविराम समझौते हुए हैं।