ईरान के सर्वोच्च नेता मोज़तबा खामेनेई ने स्पष्ट किया है कि देश को हुए नुकसान की भरपाई हर हाल में दुश्मन से ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि विरोधी पक्ष क्षतिपूर्ति देने से इनकार करता है, तो ईरान उसकी संपत्ति अपने नियंत्रण में लेगा और यदि संभव न हुआ, तो बराबर नुकसान पहुंचाएगा।

मोज़तबा ने पहले ही देशवासियों को प्रतिरोध जारी रखने का आह्वान किया था और होर्मुज जलमार्ग को दुश्मन के लिए बंद रखने की रणनीति को कायम रखने की बात कही थी। उनके अनुसार, तेहरान संघर्ष में मारे गए लोगों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन केवल उन्हीं सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा, जो उसके खिलाफ हमले कर रहे हैं।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान युद्धविराम के लिए दबाव में है और यह संघर्ष अधिकतम एक हफ्ते में समाप्त हो सकता है। रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ईरान को इतना नुकसान हुआ है कि उसे पूरी तरह से संभलने में करीब 10 साल लग सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खार्ग द्वीप लगभग पूरी तरह तबाह हो गया है और बची हुई छोटी मात्रा को भी कुछ ही मिनटों में नष्ट किया जा सकता है।

ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्धविराम पर बातचीत के लिए तैयार होने की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन अभी पूरी तरह तैयार नहीं है।

ईरान की प्रतिक्रिया में विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि देश अपनी सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखेगा, जब तक अमेरिका खुद इस संघर्ष को रोकने की पहल नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने कभी युद्धविराम या बातचीत की पहल नहीं की है और वर्तमान संघर्ष में उसका उद्देश्य केवल बचाव है। अराघची ने कहा कि इस युद्ध को अमेरिका ने चुना है, और ईरान मजबूत स्थिति में है।