अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े हमलों की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान का यह दिन सबसे ज्यादा तीव्र होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की हमला करने की क्षमता कम होती दिख रही है, लेकिन उसने संघर्ष जारी रखने की पूरी तैयारी कर रखी है।
इसी बीच, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे ईरान की सरकार को सत्ता से हटाकर वहां के लोगों को जुल्म से मुक्ति दिलाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ईरानी नागरिकों को आज़ादी दिलाना है।
ईरान पर सबसे तेज हमला
पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए हेगसेथ ने बताया कि आज ईरान पर अमेरिकी हमले सबसे तीव्र होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 24 घंटों में ईरान ने अब तक की सबसे कम मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी सेना के जनरल डैन केन ने जानकारी दी कि यह अभियान अब 11वें दिन में पहुंच चुका है।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ा
खाड़ी क्षेत्र में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। क़तर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने अपनी ओर आने वाली एक मिसाइल को हवाई रास्ते में ही रोक दिया। कतर नागरिकों को सुरक्षा के लिए घरों में रहने की सलाह दी गई है। इसी तरह, संयुक्त अरब अमीरात ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
वहीं, ईरान के एक सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धमकी दी। ट्रंप के बयान युद्ध की लंबाई को लेकर मिश्रित संकेत देने के कारण सोमवार को शेयर बाजार और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके अलावा, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान ने युद्ध रोकने की मांग की।
अमेरिकी सेना की रणनीति
अमेरिकी सेना के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि इस अभियान के तीन मुख्य लक्ष्य हैं। पहला, ईरान की मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट करना। दूसरा, ईरान की नौसेना पर हमला करना। और तीसरा, सैन्य ठिकानों के अंदर जाकर रणनीतिक हमले करना। जनरल केन के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज करने की तैयारी में है।