पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उन्हें जल्द ही गंभीर निर्णय लेना होगा, नहीं तो हालात ऐसे बन सकते हैं, जिनसे लौटना मुश्किल होगा। ट्रंप के बयान ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने नाटो देशों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस संकट में उनका सहयोग पर्याप्त नहीं रहा।

ईरान से “तत्काल निर्णय” की मांग

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरानी वार्ताकार अब तक गंभीर नहीं हुए हैं और डील करने के बजाय समय बर्बाद कर रहे हैं। उनका कहना था कि ईरान सैन्य रूप से कमजोर है और अगर उन्होंने जल्दी निर्णय नहीं लिया, तो परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

ईरान की प्रतिक्रिया – बातचीत की कोई योजना नहीं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनकी सरकार युद्ध खत्म करने के लिए कोई वार्ता नहीं कर रही है और न ही भविष्य में कोई बातचीत की योजना है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए तेहरान को संदेश भेजने की कोशिश की थी।

नाटो पर ट्रंप के आरोप

ट्रंप ने नाटो पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संकट के समय सहयोगी देश अमेरिका का समर्थन नहीं कर रहे हैं और केवल तेल की कीमतों की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि अमेरिका को नाटो पर भरोसा नहीं करना चाहिए और सहयोगी देशों को यह समय याद रखना चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमुख और तेल संकट

ट्रंप ने कहा कि नाटो देश होर्मुज जलडमरूमुख को सुरक्षित करने में मदद नहीं कर रहे हैं, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए सरल कार्य बताया, लेकिन सहयोगियों की अनदेखी को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए खतरा बताया।

वैश्विक स्थिति तनावपूर्ण

ट्रंप के बयान और ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया के बीच पश्चिम एशिया में स्थिति और जटिल होती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो तेल की आपूर्ति, वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।