अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के मुद्दे पर अपने पुराने दावों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उनकी मध्यस्थता के कारण दोनों देशों के बीच संभावित युद्ध टल गया था। ट्रंप के अनुसार उस समय स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी और यदि तत्काल हस्तक्षेप नहीं होता तो बड़ा सैन्य टकराव हो सकता था।

उन्होंने दावा किया कि उनकी कूटनीतिक बातचीत और आर्थिक चेतावनियों के चलते हालात काबू में आए और करोड़ों लोगों की जान बचाई जा सकी। ट्रंप ने यह भी कहा कि उस दौरान लड़ाकू विमानों को मार गिराया जा रहा था और संघर्ष तेजी से युद्ध की दिशा में बढ़ रहा था। उनके मुताबिक, उस तनाव के दौरान 11 महंगे जेट विमान नष्ट किए गए थे।

आर्थिक दबाव और टैरिफ की चेतावनी का जिक्र

अपने संबोधन में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से सीधे बातचीत की। उन्होंने कथित तौर पर स्पष्ट संदेश दिया कि यदि तनाव कम नहीं हुआ तो अमेरिका किसी प्रकार का व्यापार समझौता नहीं करेगा।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उनके अनुसार, जब व्यापारिक नुकसान की आशंका सामने आई तो दोनों देशों ने पीछे हटने का निर्णय लिया। ट्रंप ने कहा कि आर्थिक प्रभाव की संभावना ने संघर्ष की दिशा बदल दी।

भारत का रुख पहले से स्पष्ट

यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया हो। हालांकि, भारत ने हर बार इन बयानों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय का कहना रहा है कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से स्थिति नियंत्रित नहीं हुई थी, बल्कि यह निर्णय दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर पर आपसी बातचीत के जरिए लिया गया था।

ट्रंप ने अपने संबोधन के अंत में भारत और पाकिस्तान दोनों का उल्लेख करते हुए उनका धन्यवाद भी किया और कहा कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामला था।