वाशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक आयात शुल्क (टैरिफ) को रद्द कर दिया, लेकिन ट्रंप ने इसके तुरंत बाद नया कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि कोई भी देश अमेरिका के टैरिफ नियमों के साथ छेड़छाड़ करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला “बेतुका” है और कुछ देश इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि हालिया समझौतों के बावजूद यदि कोई देश चालाकी करता है, तो उस पर पहले तय किए गए टैरिफ से भी ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा।
सख्त कदम उठाने की धमकी
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए किसी भी कड़े कदम से पीछे नहीं हटेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों और टैरिफ को लेकर वार्ता कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई में अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ने 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया, जो केवल राष्ट्रीय सुरक्षा आपातकाल के लिए है, सामान्य व्यापार नीति के लिए नहीं।
ट्रंप का यू-टर्न और नया अधिकार
फैसले के बाद ट्रंप ने कहा कि अदालत ने अनजाने में उन्हें और ताकत दे दी है। उन्होंने बताया कि अब वे अन्य कानूनों के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार इस्तेमाल कर सकते हैं और लाइसेंस व्यवस्था के जरिए विदेशी देशों के खिलाफ कड़े कदम उठा सकते हैं।
अस्थायी अतिरिक्त शुल्क की घोषणा
ट्रंप ने 20 फरवरी को घोषणा की कि 24 फरवरी 2026 से 150 दिनों के लिए अमेरिका में आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत का अस्थायी अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। इससे वैश्विक व्यापार में नई अनिश्चितता पैदा हो गई है।
ट्रंप का संदेश
ट्रंप ने आरोप लगाया कि कई देशों ने वर्षों तक अमेरिका का आर्थिक फायदा उठाया। उनका कहना है कि अदालत का फैसला उनके खिलाफ गया हो, लेकिन इससे उनकी शक्तियां और मजबूत हुई हैं। उन्होंने कहा कि अब वे और सख्ती से टैरिफ लागू करेंगे और अमेरिका के हितों की रक्षा करेंगे।