वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। अमेरिका ने राजधानी काराकास में स्थित देश के सबसे बड़े सैन्य बेस, फुएर्ते तिउना, पर शनिवार को सटीक छापेमारी कर मादुरो को गिरफ्तार किया। अब इस ऑपरेशन के दौरान हुए विनाश की तस्वीरें सामने आई हैं।

सैटेलाइट फर्म वेंटोर द्वारा ली गई तस्वीरों में फुएर्ते तिउना बेस पर अमेरिकी स्ट्राइक के प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। कम से कम छह इमारतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। तस्वीरों में परिसर के उत्तरी हिस्से में लाल छत वाली बड़ी इमारत से धुआं उठता दिखाई दे रहा है, जबकि दक्षिण में तीन छोटी इमारतें लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं।

हमले के समय मादुरो और पत्नी परिसर में मौजूद थे
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी कार्रवाई के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी अपने आधिकारिक आवास में थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से सुनियोजित और अंधेरे में अंजाम दिया गया। ट्रंप ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान काराकास के बड़े हिस्से में बिजली गुल कर दी गई थी और अमेरिकी विशेषज्ञों ने शहर की बिजली आपूर्ति को बाधित करने में खास तकनीक का इस्तेमाल किया।

अमेरिकी हमलों के बाद राजधानी में अफरा-तफरी
सैन्य कार्रवाई के बाद काराकास और आसपास के इलाकों में भय और अराजकता का माहौल है। हवाई हमलों में शहर के महत्वपूर्ण ढांचे तबाह हो गए हैं, बिजली ग्रिड क्षतिग्रस्त हो गया और राजधानी अंधेरे में डूब गई है। संचार सेवाएं ठप हैं, दुकाने बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है।

काराकास में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्य सुनील मल्होत्रा ने बताया कि हालात बेहद भयावह हैं। एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ और शहर से करीब 100 किलोमीटर दूर देश के सबसे बड़े एयरबेस को निशाना बनाया गया। सबसे अधिक नुकसान फुएर्ते तिउना इलाके में हुआ, जो शहर की बिजली आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

हमलों के बाद सार्वजनिक परिवहन ठप हो गया और लोग घरों में कैद हैं। खाने-पीने के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं। बड़े सुपरमार्केट बंद हैं, केवल मोहल्लों की छोटी दुकानों में ही हलचल है। ब्रेड और दवाइयों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ है। बिजली न होने के कारण मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल हो गया। एक अन्य भारतीय ने बताया कि मोबाइल चार्ज करने के लिए उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा और घंटों इंतजार के बाद फोन चार्ज हो पाया। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने लोगों को उस जगह से हटने के लिए कहा, लेकिन बिजली कब बहाल होगी, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।