वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नशीली दवाओं की तस्करी, लोकतंत्र और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इन्हें असल मकसद छिपाने के लिए गढ़ा गया है, और वह मकसद वेनेजुएला का तेल है।
संसद को संबोधित करते हुए रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला ऊर्जा क्षेत्र में ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए तैयार है, जिसमें सभी पक्षों को समान लाभ मिले और आर्थिक साझेदारी को स्पष्ट व्यावसायिक समझौतों के तहत परिभाषित किया जाए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि वेनेजुएला सरकार अमेरिका को पूरा सहयोग दे रही है और वॉशिंगटन आने वाले वर्षों तक देश के तेल संसाधनों पर प्रभाव बनाए रखेगा।
ट्रंप ने यह भी कहा था कि काराकास अमेरिका को “वह सब देगा, जिसकी उसे जरूरत है” और अमेरिका वहां लंबे समय तक एक राजनीतिक संरक्षक की भूमिका निभाएगा। इस बीच सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला एक सच्ची ऊर्जा महाशक्ति है, लेकिन यही पहचान उसके लिए संकट भी बनी। उन्होंने कहा कि उत्तर के शक्तिशाली देशों की नजर वेनेजुएला के संसाधनों पर है और इसी लालच के चलते ड्रग तस्करी, लोकतंत्र और मानवाधिकार जैसे मुद्दों को बहाने के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
रोड्रिगेज ने दोहराया कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर तेल और गैस क्षेत्र में साझेदारी के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की नीति स्पष्ट है—ऐसे ऊर्जा संबंध विकसित करना, जो आपसी लाभ पर आधारित हों और जिनमें आर्थिक शर्तें पारदर्शी अनुबंधों के माध्यम से तय की जाएं। उन्होंने इसे देश की ऊर्जा नीति की विविधता का हिस्सा बताया।
इससे पहले भी रोड्रिगेज ने अमेरिका के लिए वेनेजुएला के तेल बाजार को खोलने की योजना का बचाव किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के अमेरिकी प्रयासों ने दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन अमेरिका के साथ व्यापार करना न तो असामान्य है और न ही अनुचित।
इसी बीच बुधवार को अमेरिकी बलों ने प्रतिबंधों के दायरे में आए दो तेल टैंकरों को जब्त कर लिया। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने घोषणा की कि वह आगे चलकर वेनेजुएला के कच्चे तेल के निर्यात की बिक्री प्रक्रिया का प्रबंधन करेगा और वैश्विक स्तर पर उसके पेट्रोलियम कारोबार पर निगरानी रखेगा।