गाजियाबाद। साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की गौतमबुद्धनगर और आगरा यूनिट ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इनमें से एक आरोपी पर देशभर में करीब 800 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है, जबकि दूसरे ने लगभग तीन करोड़ रुपये की ठगी की। दोनों के खिलाफ विजयनगर और मसूरी थानों में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है।

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी के अनुसार, एसटीएफ आगरा की टीम ने सहारनपुर के एक रेस्टोरेंट से जतिंद्र राम (41) को गिरफ्तार किया। वह हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला है और ग्रेजुएट है। वर्ष 2022 में उसने “सी प्राइम कैपिटल” नाम से कंपनी बनाई थी। इसके जरिए उसने करीब 20 हजार लोगों को मेटा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर हजारों ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाए।

इसके बाद आरोपी ने शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश का झांसा देकर देहरादून, नोएडा, मुजफ्फरनगर, अंबाला, फरीदाबाद, हरिद्वार, ऋषिकेश और गाजियाबाद समेत कई शहरों के लोगों से भारी रकम ठगी। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। गाजियाबाद के एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि आरोपी और उसके साथियों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर उससे लाखों रुपये ठग लिए थे।

दूसरी ओर, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि एसटीएफ गौतमबुद्धनगर की टीम ने विजयनगर स्थित एक सोसाइटी में छापा मारकर रूपेश भारद्वाज को गिरफ्तार किया। वह गुरुग्राम का निवासी है। रूपेश ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर “एक्स ट्रेडर्स इंटरप्राइजेज” नाम से फर्जी कंपनी बनाई थी और निवेश पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर सैकड़ों लोगों को ठगा।

पुलिस जांच में सामने आया कि कंपनी के जरिए करोड़ों रुपये इकट्ठा करने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद रूपेश ने शेयर बाजार और आईपीओ निवेश के नाम पर देश के कई शहरों में लोगों को निशाना बनाया। उसके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज हैं।

गाजियाबाद के नंदग्राम निवासी एक पीड़ित से आरोपी ने करीब 12.50 लाख रुपये की ठगी की थी, जबकि अन्य कई लोगों से भी करोड़ों रुपये ऐंठे गए। पुलिस ने आरोपी के पास से दो आधार कार्ड और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एक आधार कार्ड में नाम और पता बदला हुआ है, जबकि फोटो उसी का है, जिससे पहचान छिपाने की कोशिश की जा रही थी।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।