उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए एक सख्त कार्य योजना तैयार की है। इसमें सीसीटीवी और एआई आधारित निगरानी के जरिए यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। वहीं, यात्रा को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने की पहल को और मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अफसरों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने कहा कि यात्रा राज्य की जीवनरेखा है, इसलिए इसे व्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाना आवश्यक है।

सीएम ने हेली सेवाओं में व्यावसायिक दृष्टिकोण के बजाय मानवीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। पिछले वर्ष शुरू की गई ग्रीन एंड क्लीन चारधाम यात्रा योजना को इस बार और व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में कलेक्शन बॉक्स लगाए जाएंगे और प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से नियंत्रण किया जाएगा।

इसके अलावा, यात्रा को लेकर किसी भी तरह की अफवाह फैलाने पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय निकाय, स्वयंसेवी संस्थाएं और युवा सक्रिय रूप से भाग लेकर यात्रा को जनआंदोलन का स्वरूप देंगे।

बैठक में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज (वर्चुअल माध्यम से), मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और संबंधित जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।