केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि “टेक्नोलॉजी फॉर लाइफ” भारत सरकार की प्राथमिक रणनीति है और यह देश के भविष्य की सबसे बड़ी संपत्ति साबित होगी। उन्होंने अगले सात वर्षों में भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में शीर्ष स्थान पर लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य साझा किया।

लॉजिस्टिक्स लागत में कमी के लिए उठाए कदम

गडकरी ने अपने शिपिंग मंत्री के अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने 110 नदियों को जलमार्गों में परिवर्तित करने पर काम किया। उनका कहना है कि औद्योगिक सामग्री जैसे स्टील को नदियों के माध्यम से भेजने से लागत बहुत कम होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "सड़क मार्ग से परिवहन करने पर प्रति किलो 10 रुपये, रेल मार्ग से 6 रुपये, और जलमार्ग से मात्र 1 रुपये खर्च आता है।"

निर्माण में अपशिष्ट पदार्थों का नवाचार

मंत्री ने सड़क निर्माण में वेस्ट मटेरियल के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्टील स्लैग, जिसे पहले कचरा माना जाता था, अब सड़क परियोजनाओं में सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है। उदाहरण के लिए, द्वारका एक्सप्रेसवे, मुंबई-दिल्ली हाईवे और अहमदाबाद-दिल्ली रोड परियोजनाओं में लगभग 80 लाख टन कचरे को पुनः उपयोग किया गया।

अनुसंधान और तकनीक की भूमिका

गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हाइड्रोजन ईंधन और वैकल्पिक ईंधन ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्रांति ला दी है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत में पहले इलेक्ट्रिक कार और हाइड्रोजन आधारित ट्रक लॉन्च किए गए थे। आज इलेक्ट्रिक कारें, स्कूटर, ट्रक और बसें व्यापक स्तर पर इस्तेमाल में हैं।

भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग: प्रगति और लक्ष्य

2014 में ऑटोमोबाइल उद्योग का आकार लगभग 7 लाख करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। गडकरी ने बताया कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन चुका है। अमेरिका का उद्योग 79 लाख करोड़ और चीन का 49 लाख करोड़ रुपये का है।

मंत्री ने सरकार का लक्ष्य साझा किया: अगले सात वर्षों के भीतर भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल क्षेत्र में नंबर एक बनाना। उन्होंने कहा, "यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन असंभव नहीं।"

ऑटो उद्योग और अर्थव्यवस्था

गडकरी ने बताया कि ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने देश में लगभग 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा की हैं और यह GST राजस्व में केंद्र और राज्य दोनों के लिए सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को वैश्विक नेतृत्व हासिल करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ऑटो निर्यात बढ़ाना होगा।