तेल अवीव। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, इजरायल ने लेबनान के साथ कूटनीतिक संबंध मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैबिनेट को निर्देश दिया है कि लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधे वार्ता शुरू की जाए। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में सीजफायर की स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।

नेतन्याहू के दफ्तर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि लेबनान बार-बार बातचीत की पहल कर रहा था, जिसके मद्देनजर इस कदम को आवश्यक माना गया। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य हिज्बुल्लाह के हथियारों पर नियंत्रण स्थापित करना और दोनों देशों के बीच स्थायी शांति सुनिश्चित करना है। इजरायल ने इस पहल का स्वागत किया कि लेबनान का प्रधानमंत्री बेरूत को सैन्य गतिविधियों से मुक्त करने के लिए प्रयासरत हैं।

सीजफायर में खिंचाव
हालांकि, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू है, लेकिन लेबनान में हाल के सैन्य अभियान इसे चुनौती दे रहे हैं। इजरायल ने हाल ही में लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाइयों को तेज किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लेबनान से वार्ता शुरू नहीं हुई, तो सीजफायर लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा।

अमेरिका का दबाव
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को निर्देश दिया है कि लेबनान में हमलों को कम किया जाए। ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू से कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत को सफल बनाने के लिए लेबनान में सैन्य गतिविधियों को सीमित करना जरूरी है।

इस नए कूटनीतिक कदम को क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।