ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर देशभर के दवा कारोबारियों ने बुधवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (AIOCD) के आह्वान पर 20 मई 2026 को 24 घंटे के लिए मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। संगठन का आरोप है कि ऑनलाइन दवा बिक्री मौजूदा नियमों के अनुरूप नहीं है और इससे दवा कारोबार में अव्यवस्था फैल सकती है।

एआईओसीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी से जुड़ी मौजूदा व्यवस्थाएं कानून के दायरे में स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने जीएसआर 817 अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। संगठन का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध कारोबार और गलत तरीके से दवा वितरण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, जीएसआर 817 अधिसूचना को वापस लिया जाए। दूसरी, ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए नई और मजबूत नियामक नीति बनाई जाए। तीसरी, तब तक ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई जाए, जब तक स्पष्ट नियम लागू न हो जाएं।

एआईओसीडी ने कोविड काल के दौरान लागू की गई जीएसआर 220 अधिसूचना को भी खत्म करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि महामारी के दौरान दवाओं की आपूर्ति का जिम्मा मुख्य रूप से स्थानीय फार्मासिस्टों ने संभाला था और उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देने के मुद्दे पर भी दवा विक्रेताओं ने चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि इससे पारंपरिक मेडिकल स्टोरों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि या तो ऑनलाइन छूट पर रोक लगे या फिर दवा मूल्य नियंत्रण आदेश में बदलाव कर स्थानीय फार्मासिस्टों का मार्जिन बढ़ाया जाए।

हालांकि, हड़ताल के दौरान जरूरी और आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने की बात कही गई है। संगठन के अनुसार, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना न करना पड़े।

देशभर में एआईओसीडी से जुड़े लाखों दवा विक्रेता इस विरोध में शामिल होंगे। आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में रैलियां और प्रदर्शन की भी तैयारी की गई है।