पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने घरेलू ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए व्यापक रणनीति लागू की है। सरकार के हालिया बयान के अनुसार, एक ओर ईरान में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है, वहीं देश में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं।
ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन स्थिति
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की ईंधन आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है।
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देश की सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर संचालन कर रही हैं।
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पेट्रोल पंपों पर कामकाज सामान्य है और कहीं भी ईंधन की कमी की सूचना नहीं मिली है।
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परिवहन में इस्तेमाल होने वाली सीएनजी और घरेलू उपयोग वाली पीएनजी की आपूर्ति 100% सुनिश्चित की जा रही है।
पीएनजी अपनाने पर जोर और प्रोत्साहन
सरकार स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। संयुक्त सचिव ने वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे पीएनजी कनेक्शन अपनाएं। इसके लिए प्रमुख गैस कंपनियों ने विशेष प्रोत्साहन भी शुरू किए हैं:
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इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने घोषणा की है कि अगर कोई घरेलू उपभोक्ता 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन लेता है और गैस खरीदना शुरू करता है, तो उसे ₹500 की मुफ्त गैस मिलेगी।
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गेल और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) जैसी कंपनियां भी स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रही हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री लॉजिस्टिक्स
सरकार ने ऊर्जा शिपमेंट की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। बंदरगाह और पोत परिवहन मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी से रवाना हुआ ‘शिवालिक एलपीजी कैरियर’ सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और भारतीय बंदरगाह पर शाम 5 बजे तक पहुंचने की उम्मीद है। पोत के आगमन से पहले सभी बर्थिंग और दस्तावेज़ीकरण की तैयारी पूरी कर ली गई है, ताकि आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिक ईरान से भूमि सीमा के रास्ते आर्मेनिया में सुरक्षित प्रवेश कर चुके हैं। इसके अलावा, लगभग 90 अन्य नागरिक ईरान से अज़रबैजान में पहुंचे हैं। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वीज़ा और आव्रजन प्रक्रियाओं में पूरी सहायता प्रदान की।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से एलपीजी पोत की सुरक्षित वापसी, घरेलू रिफाइनरियों का पूर्ण क्षमता पर संचालन, और एलपीजी से पीएनजी की ओर संक्रमण जैसे उपाय भारतीय अर्थव्यवस्था और नागरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।