नई दिल्ली। देश में टोल वसूली व्यवस्था को और तेज व आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। फास्टैग लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें काफी हद तक कम हुई हैं, लेकिन अब सरकार टोल पर रुकने की जरूरत ही खत्म करने की तैयारी में है।

दरअसल, सरकार जल्द ही बैरियर-फ्री टोलिंग सिस्टम लागू करने जा रही है। इसकी शुरुआत मई महीने में गुजरात के सूरत स्थित चौर्यासी क्षेत्र से की जाएगी, जहां टोल प्लाजा पहले ही हटाया जा चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम लागू कर दिया जाए।

रुकावट खत्म करने की दिशा में कदम
सड़क परिवहन मंत्रालय लगातार कोशिश कर रहा है कि टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना न पड़े। फास्टैग के जरिए डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया गया है और हाल ही में नकद भुगतान की व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है। इसके बावजूद, कई बार तकनीकी कारणों से वाहनों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ता है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन बिना रुके ही टोल पार कर सकेंगे। टोल बैरियर की जगह हाईवे पर गेंट्री सिस्टम लगाया जाएगा, जिसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और आरएफआईडी रीडर जैसे उपकरण होंगे। ये सिस्टम चलते वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग को स्कैन कर स्वतः शुल्क काट लेंगे।

तकनीकी गड़बड़ी पर ई-चालान से वसूली
अधिकारियों के मुताबिक, यदि किसी वाहन के फास्टैग में बैलेंस नहीं होगा या तकनीकी दिक्कत आएगी, तो उस वाहन मालिक के खिलाफ ई-चालान जारी कर दोगुना टोल शुल्क वसूला जाएगा।

पहले चरण में यह सिस्टम गुजरात के चौर्यासी में लागू होगा, इसके बाद हरियाणा के एनएच-44 स्थित घरौंदा टोल प्लाजा पर भी इसे शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले तीन वर्षों में देशभर के राष्ट्रीय राजमार्ग इस नई तकनीक से जुड़ जाएं, जिससे यात्रा और अधिक सुगम और तेज हो सके।