प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कथित राशन घोटाले की जांच के तहत शनिवार को पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। ईडी की कोलकाता जोनल टीम ने कोलकाता, बर्धमान और हावड़ा सहित कुल 9 स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।

यह कार्रवाई निरंजन चंद्र साहा और उनके कथित सहयोगी सप्लायर्स व एक्सपोर्टर्स के नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।

पुलिस FIR से शुरू हुई जांच

ईडी की यह जांच 2020 में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ रही है। यह मामला बसीरहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसमें घोजाडांगा लैंड कस्टम्स स्टेशन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ कस्टम्स की शिकायत शामिल थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गरीबों के लिए निर्धारित पीडीएस गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई।

कैसे हुआ कथित घोटाला

जांच के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी राशन प्रणाली के तहत गरीबों के लिए भेजे गए गेहूं को कम कीमत पर अवैध रूप से खरीदा। इसके बाद इसे सप्लायर्स, डीलर्स और बिचौलियों की मिलीभगत से खुले बाजार में या निर्यात के जरिए बेचा गया।

असली बोरे, जिन पर FCI और राज्य सरकार के निशान थे, उन्हें हटाकर नए पैकेट में भरकर पहचान छिपाई जाती थी, ताकि माल को वैध दिखाया जा सके।

करोड़ों की अवैध कमाई का शक

ईडी का अनुमान है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए आरोपियों ने करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की है। एजेंसी का कहना है कि छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डेटा और वित्तीय रिकॉर्ड मिलने की संभावना है।

आगे की जांच जारी

फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।