उदयपुर में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया के दौरे के दौरान इस बार सादगी और संसाधन बचत का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला। डबोक एयरपोर्ट पर उनके आगमन के समय पारंपरिक भव्यता या बड़े वीआईपी काफिले के बजाय सीमित व्यवस्थाएं नजर आईं।
इस बार राज्यपाल के काफिले में केवल चार वाहन शामिल रहे, जबकि आमतौर पर इससे अधिक संख्या में गाड़ियां उपयोग की जाती हैं। यह बदलाव प्रधानमंत्री की फिजूलखर्ची कम करने और ईंधन बचाने की अपील के अनुरूप माना जा रहा है।
पहले ही दिए थे निर्देश
दौरे से पहले गुलाबचंद कटारिया ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि एयरपोर्ट पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के साथ स्वागत न किया जाए। उन्होंने स्वयं भी अपने काफिले को सीमित रखने पर जोर दिया, ताकि आम लोगों को असुविधा न हो और संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
सीमित नेताओं ने किया स्वागत
डबोक एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए चुनिंदा जनप्रतिनिधि ही मौजूद रहे, जिनमें कैबिनेट मंत्री गौतम दक, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और भाजपा नेता अतुल चंडालिया शामिल थे।
दो दिवसीय दौरे पर कार्यक्रम
राज्यपाल कटारिया अपने दो दिवसीय दौरे के तहत शनिवार को चित्तौड़गढ़ भी जाएंगे। रविवार को वे उदयपुर सर्किट हाउस में जनसुनवाई करेंगे, जबकि सोमवार सुबह उनका चंडीगढ़ लौटने का कार्यक्रम निर्धारित है।