चेन्नई। तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने चेन्नई में अपने चुनावी घोषणापत्र का अनावरण किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन, पार्टी नेता के अन्नामलाई और तमिलिसाई सुंदरराजन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
घोषणापत्र जारी करते हुए पार्टी ने राज्य के विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई वादों और योजनाओं को जनता के सामने रखा। इस दौरान जेपी नड्डा ने तमिलनाडु की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य दुनिया की प्राचीन सभ्यताओं में से एक का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और हर भारतीय को इस पर गर्व है।
डीएमके सरकार पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान नड्डा ने राज्य की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस राज्य की पहचान समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से रही है, वहां आज कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। उनके अनुसार राज्य में अपराध की घटनाओं में इजाफा हुआ है और इसके लिए उन्होंने मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
नड्डा ने दावा किया कि जनता इस बार चुनाव में सरकार के कामकाज का आकलन करेगी और डीएमके की नीतियों पर अपना फैसला सुनाएगी।
परिवारवाद का लगाया आरोप
अपने संबोधन में नड्डा ने डीएमके को परिवारवादी पार्टी बताते हुए आरोप लगाया कि सत्ता कुछ ही लोगों तक सीमित है। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष पर मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन हैं, जबकि उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन को उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा कनिमोझी और सबरीसन का भी पार्टी के संचालन में प्रभाव बताया।
नड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने महिलाओं, युवाओं और किसानों की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया और उनके हितों की अनदेखी की है।