पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 14 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर में इस योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि जिस दिन से इसे लागू माना जाएगा, उसी दिन से पात्र महिलाओं को सम्मान राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। पहले चरण में यह योजना 9 विधानसभा क्षेत्रों—आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती—में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। 15 मई से इसे राज्य के अन्य 108 विधानसभा क्षेत्रों में भी लागू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की देरी या दस्तावेजों की समस्या से महिलाओं को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लाभार्थियों के आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट मिलान नहीं हो पा रहा है, उनके खाते फोटो व अन्य पहचान के आधार पर भी खोले जाएंगे।
इस अवसर पर सीएम मान ने महिलाओं से राजनीति में अधिक सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं घर संभाल सकती हैं तो वे देश को भी बेहतर दिशा दे सकती हैं।
कार्यक्रम में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। उन्होंने इस योजना को महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि यह पहल बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक समानता के सपनों को आगे बढ़ाती है। सरकार का दावा है कि इस योजना से लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।