संसद का बजट सत्र अपने दूसरे चरण में सोमवार, 9 मार्च से शुरू होगा। इसी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के विपक्षी प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान बिरला अध्यक्ष की भूमिका नहीं निभाएंगे और अन्य सांसदों के साथ बैठेंगे। हालांकि, उन्हें अपना पक्ष रखने और प्रस्ताव पर मतदान में शामिल होने का अधिकार रहेगा।
पीएम मोदी की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक कार्यक्रम में ओम बिरला की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने Birla को न केवल बेहतरीन सांसद बल्कि लोकसभा के एक कुशल अध्यक्ष के रूप में भी पेश किया। पीएम ने कहा कि शिक्षा की नगरी से आने का असर यह है कि वे सदन में सभी सांसदों को साथ लेकर चलते हैं और विपक्ष और सत्ता पक्ष से ऊपर उठकर सम्मानपूर्ण व्यवहार करते हैं।
कोटा विकास में योगदान
एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा, “कोटा एयरपोर्ट, नया IIIT परिसर और सड़क विस्तार जैसी परियोजनाओं में ओम बिरला के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है। उनका लक्ष्य हमेशा कोटा के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और नए अवसर प्रदान करना रहा है।”
सदन संचालन में दक्षता
प्रधानमंत्री ने ओम बिरला को संविधान और संसदीय प्रक्रिया के प्रति समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि वे सदन में सभी सांसदों के प्रति सम्मान दिखाते हैं और पार्टी सीमाओं से परे जाकर निष्पक्ष नेतृत्व करते हैं। पीएम ने यह भी बताया कि जब कभी कुछ सांसद अनुशासनहीन होते हैं, तब भी वे शांत रहते हैं और कुशल नेतृत्व दिखाते हैं।
अविश्वास प्रस्ताव और आगामी चर्चा
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष के तीन सांसद – मोहम्मद जावेद, कोडिकुन्निल सुरेश और मल्लूर रवि – ने ओम बिरला पर पक्षपात और महिला सांसदों के खिलाफ अनुचित आरोप लगाने का आरोप लगाया है। बजट सत्र के दूसरे चरण में इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की उम्मीद है।
संसद में उपस्थित रहने का निर्देश
सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों को ‘तीन-लाइन व्हिप’ जारी किया है, जिसमें 9 से 11 मार्च तक सदन में उपस्थित रहने की अनिवार्यता बताई गई है।