लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के कई सांसद स्पीकर के कक्ष में गए और उन्होंने गालियों से उनका सामना किया। रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस घटना से स्पीकर बहुत आहत हुए हैं।

रिजिजू के मुताबिक, करीब 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के कमरे में पहुंचे और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब यह सब हो रहा था, तब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल भी वहां मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अपने सांसदों को शांत कराने की बजाय उन्हें उकसाया।

सदन में बोलने का विवाद
रिजिजू ने सदन में बोलने से जुड़े विवाद पर भी बात की। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने पहले एक फैसला लिया था, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसद में नियम स्पष्ट हैं और बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई भी सदस्य नहीं बोल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री भी केवल अध्यक्ष की अनुमति मिलने पर ही बोल सकते हैं। रिजिजू ने जोर देते हुए कहा कि स्पीकर का स्वभाव शांत है, वरना इस तरह की घटना पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती थी।

अविश्वास प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
यह विवाद उस समय सामने आया जब कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन यानी 9 मार्च को हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि विपक्ष द्वारा पेश किए गए नोटिस में कुछ तकनीकी कमियां हैं। नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार जिक्र है, जो नियमों के अनुसार आपत्ति का कारण बन सकता था। स्पीकर ने सचिवालय को निर्देश दिया है कि इन कमियों को सुधारकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए।